ट्रेनी IAS अधिकारी पूजा खेडकर ने जो कारनामा कर दिखाया है. शायद ही किसी ने ऐसा कारनामा इतिहास में किया हो. पूजा खेडकर ने झूठ की बुनियाद पर जो महल खड़ा किया था. आज उसके चर्चे हर ओर हैं. पूजा खेडकर के इस कारनामे ने संघ लोक सेवा आयोग के बड़े-बड़े अधिकारियों के कान खड़े कर दिए. वहीं अब इस मामले का संज्ञान प्रधानमंत्री कार्यालय ने लिया है और ट्रेनी आईएएस की नौकरी पर तलवार लटक रही है. तो वहीं दूसरी ओर इस मामले को दुनिया के सामने लाने वाले शख्स की हर कोई तारीफ कर रहा है.
पूजा की सच्चाई दुनिया के सामने लाए वैभव
पूजा खेडकर की असल सच्चाई से दुनिया को रूबरू कराने वाले शख्स का नाम वैभव कोकट है. वैभव ही वो शख्स हैं जिन्होंने पहली बार पूजा खेडकर की ऑडी कार की डिमांड वाली बात को सोशल मीडिया के जरिए सबके सामने लाया था. सोशल मीडिया की ताकत को समझते हुए वैभव कहते हैं, मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक ट्वीट की वजह से किसी आईएएस अधिकारी के सामने इतनी बड़ी मुश्किल खड़ी हो जाएगी. वैभव कोकट कहते हैं कि पुणे कलेक्टर सुहास दिवसे ने पूजा खेडकर को लेकर सरकार को एक रिपोर्ट भेजी थी. मैं समझ गया. एक प्रशिक्षु अधिकारी इतना कुछ कैसे कर सकता है? मेरे दिमाग में सवाल उठा और फिर मैंने मामले की तह तक जाने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि पूजा खेडकर की तलाश के दौरान पता चला कि उन्होंने ऑडी कार पर अवैध एंबर लाइट लगा रखा है. मुझे उसकी तस्वीरें मिलीं. मैं जानता था कि अगर यह मामला पुलिस को दिया गया होता तो कार्रवाई में प्रशासनिक देरी होती. इसलिए वैभव कोकट ने कहा कि उन्होंने सीधे तौर पर सोशल मीडिया का सहारा लिया.
6 जुलाई को वैभव ने ‘एक्स’ पर किया था पोस्ट
वैभव ने 6 जुलाई को ‘एक्स’ पर एक फोटो के साथ पूजा खेडकर के बारे में जानकारी पोस्ट की. इसके बाद देखते ही देखते ये वायरल हो गया. मीडिया ने उस पोस्ट का संज्ञान लिया. इसके बाद वैभव के पास सामाजिक कार्यकर्ताओं और आरटीआई कार्यकर्ताओं के फोन आए. तब वैभव ने कहा कि उन्हें पूजा खेडकर के बारे में बहुत सारी जानकारी मिलने लगी. घटना के बाद कई आईएएस अधिकारियों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिए. यहां तक कि सोशल मीडिया पर लिखना बंद कर दिया.
कौन हैं वैभव कोकट?
वैभव बीड जिले के कोकट के रहने वाला हैं. उन्हें सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर लिखना अच्छा लगता है. उन्होंने एक पीआर कंपनी में काम भी किया है. एक्स पर उनके 31 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. एक दिन पहले यानी 19 जुलाई को जब खेडकर के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया तो इस पर भी वैभव का एक और पोस्ट सामने आया. इसमें वो कहते हैं कि एक पोस्ट में बहुत ताकत होती है, हमें साहसपूर्वक लिखना चाहिए. भले ही समय कठिन हो, आम आदमी को केंद्र में रखकर सच बोलना चाहिए. सिस्टम के खिलाफ लिखें और बोलें. आपकी लेखनी में सिस्टम को झुकाने की ताकत है.