नीट पेपर लीक मामले को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट भी सख्त नजर आ रहा है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में नीट-यूजी 2024 से संबंधित याचिकाओं (30 से अधिक) पर सुनवाई हुई. जिनमें दोबारा परीक्षा कराने के निर्देश देने वाली याचिकाएं भी शामिल हैं. वहीं मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक बात साफ है और उससे इनकार भी नहीं किया जा सकता कि पेपर लीक हुआ है. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले पर CBI से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है साथ ही एनटीए से भी सवाल पूछे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सवाल पूछते हुए कहा है कि 11 जुलाई को सारे सवालों के जवाब लेकर आइए. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर लीकेज का दायरा बड़ा है तो हम परीक्षा कैंसल करके दोबारा एग्जाम लेने का फैसला देने से नहीं हिचकेंगे.
नीट परीक्षा लाखों स्टूडेंट्स का मामला- कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने नीट मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि नीट-यूजी 2024 की शुचिता नष्ट हो गई है और अगर पेपर लीक टेलीग्राम/ व्हॉट्सएप/ इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होता है, तो ये जंगल की आग की तरह फैलता है, जबकि अगर ये 5 मई की सुबह हुआ होगा, तो सीमित दायरे में फैला होगा. कोर्ट ने कहा कि नीट परीक्षा लाखों स्टूडेंट्स का मामला है. इसमें कुछ रेड फ्लैग्स हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे- 67 कैंडिडेट्स का 720/720 हासिल करना. दूसरा- सेंटर बदलना. हमें भूसे में से दाने अलग करने होंगे ताकि सिर्फ उन्हीं जगहों पर री-एग्जाम लिया जाए जहां गड़बड़ी हुई.
मामले की आगली सुनवाई 11 जुलाई को
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि नीट का पेपर दोबारा होगा या नहीं, इसके लिए ये देखना होगा कि क्या पेपर लीक सिस्टमैटिक तरीके से हुआ है? क्या लीक से पूरी परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता प्रभावित हुई है या फिर फ्रॉड का फायदा उठाने वालों को अलग किया जा सकता है. अगर परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है, तो दोबारा से परीक्षा ज़रूरी है. लेकिन अगर फ़ायदा उठाने वाले छात्रों की पहचान हो जाये तो दोबारा परीक्षा की जरूरत नहीं होगी. आज हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए से कई सवाल पूछे. सुप्रीम कोर्ट की ओर से जो सवाल पूछे गए हैं उसमें यह बात भी शामिल है कि कितने छात्रों को पेपर लीक से फायदा हुआ है। कितने बजे और कब पेपर लीक हुआ और उसके कितनी देर बाद परीक्षा शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि पेपर लीक का दायरा व्यापक और इलेक्ट्रॉनिक मीडियम से है तो फिर यह जंगल की आग की तरह है। नीट मामले में दायर याचिकाओं पर अब 11 जुलाई को दोबारा सुनवाई की जाएगी.