कौन है धाकड़ गेंदबाज रवि बिश्नोई, जिन्होंने हरारे में रच दिया सबसे बड़ा इतिहास, राजस्थान से जुड़ा है कनेक्शन ?

भारतीय टीम अपना पहला टी20 मैच जिम्बाब्वे से हार गई. मगर इस हार के बीच भी एक खिलाड़ी ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसकी हर कोई सराहना कर रहा है. जी हां ये कोई और नहीं बल्कि रवि बिश्नोई हैं जिन्होंने मैच के दौरान अपनी बेहतरीन गेंदबाजी का नजारा दर्शकों के सामने पेश किया. रवि बिश्नोई ने 4 ओवर के अपने स्पेल में सिर्फ 13 रन देकर 4 विकेट लिए. दरअसल भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने पावरप्ले में ही रवि बिश्नोई को पहला ओवर दिया. इस ओवर की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को बोल्ड कर दिया. रवि बिश्नोई की गुगली का ब्रायन बेनेट के पास कोई जवाब नहीं था. रवि बिश्नोई ने अपने दूसरे ओवर की 5वीं गेंद पर वेस्ली मधेवेरे को पवैलियन का रास्ता दिखा दिया. हालांकि इसके बाद रवि बिश्नोई को तीसरे ओवर में कामयाबी नहीं मिली, लेकिन अपने स्पेल के आखिरी ओवर में ल्यूक जोंगवे और ब्लेसिंग मुजरबानी को आउट किया. ये रवि बिश्नोई के करियर का यह बेस्ट स्पेल है. पिछले दिनों आईपीएल में रवि बिश्नोई का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. इस सीजन रवि बिश्नोई ने 14 मैचों में 10 विकेट झटके. साथ ही रवि बिश्नोई की टीम लखनऊ सुपर जाएंट्स प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही.

कौन हैं रवि बिश्नोई

भारतीय स्पिनर गेंदबाज रवि बिश्नोई का जन्म 5 सितंबर 2000 को राजस्थान के जोधपुर जिले के बिरामी गांव में एक मध्यमवर्गीय परिवार हुआ. रवि के पिता मांगीलाल बिश्नोई सहकारी शिक्षक हैं और अभी प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं. उनकी मां शिवरी बिश्नोई एक गृहणी हैं. रवि का बड़ा भाई अशोक और दो बहनें अनीता और रिंकू बिश्नोई हैं. रवि बिश्नोई अपने भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं. फिलहान उन्होंने अभी तक शादी नहीं की है और वह सिंगल हैं. रवि बिश्नोई ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जोधपुर के महावीर पब्लिक स्कूल में प्राप्त की है. उन्होंने सिर्फ 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है. रवि ने जोधपुर के स्पार्टन्स क्रिकेट अकादमी के कोच प्रद्योत सिंह के मार्गदर्शन में पेशेवर क्रिकेट खेलना शुरू किया.

2013 में की “स्पार्टन्स क्रिकेट अकादमी” की शुरुआत

रवि बिश्नोई को बचपन से ही क्रिकेट में दिलचस्पी थी. शुरुआत में वह अपने बड़े भाई के साथ क्रिकेट खेला करते थे. जोधपुर में पेशेवर क्रिकेट खेलने के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं, इसलिए 2013 में रवि ने अपने कुछ पुराने दोस्तों के साथ मिलकर “स्पार्टन्स क्रिकेट अकादमी” बनाया. वे अधिकांश काम अपने आप किया करते थे. अकादमी को बनाने में छह महीने की कठिन मेहनत लगी, लेकिन उन्हें डर था कि उनका काम व्यर्थ न जाए. हालांकि अकादमी अब उत्कृष्ट युवा प्रतिभाओं को तैयार कर रही है. स्पार्टन्स क्रिकेट एकेडमी में रवि बिश्नोई ने खूब खून-पसीना बहाया है. वह रोज साइकिल से अपने घर से लगभग 20 किमी दूर अकादमी जाते थे. रवि बिश्नोई पहले मध्यम-तेज गेंदबाजी करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपने कोच प्रद्योत सिंह की सलाह पर स्पिन गेंदबाजी शुरू की और उसमें महारत हासिल की.

कई बार रिजेक्शन मिलने के बाद भी नहीं मानी हार

रवि को अपने करियर के शुरुआत में कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा. बिश्नोई को राज्य स्तरीय अंडर-16 टीम में दो मैचों में चुना गया था, लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला. 2018 में, रवि बिश्नोई ने 5 राज्य संघ मैचों में 15 विकेट लिए. इसके अलावा उन्होंने नेशनल बोर्ड टेस्ट में पांच विकेट लिए और एक शतक बनाया, लेकिन फिर भी वह अंडर-19 टीम में नहीं चुने गए. इस तरह के कई रिजेक्शन के कारण बिश्नोई बहुत निराश हो गए. उनकी इस स्थिति को देखकर उनके पिता ने उन्हें क्रिकेट छोड़कर सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा लेकिन रवि के कोच ने उनका यहां पर काफी साथ दिया. जिसके बाद रवि के कोच ने उनके पिता को अपने बेटे को एक और साल देने के लिए मना लिया. बाद में, बिश्नोई लगातार प्रैक्टिस करते रहे और अपने आप को सुधारते रहे. फिर उनके जीवन में भी वो दिन आया जब उन्हें सैयद मुश्ताक अली ट्राफी के लिए राजस्थान की टीम में शामिल किया गया. रवि बिश्नोई ने फरवरी 2018 में 2018-19 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में तमिलनाडु के खिलाफ टी20 क्रिकेट में पदार्पण किया. उन्होंने चार मैचों में राजस्थान के लिए 19.75 की शानदार औसत से 4 विकेट लिए. 2019–20 सीज़न में, उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में केवल दो मैच खेले और दो विकेट लिए. इसके बाद सितंबर 2019 में जम्मू और कश्मीर के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट की शुरुआत की. रवि के उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण, उन्हें अक्टूबर में इंडिया ए टीम में देवधर ट्राफी और फिर रणजी ट्राफी के लिए चुना गया.

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Author: The Hindi Post