इन दिनों सियासत में कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जिस तरह से अपने आक्रामक तेवर दिखा रहे है, उसने पॉलिटिक्ल एक्सपर्ट्स को भी हैरान कर दिया है. 18वीं लोकसभा सत्र में राहुल गांधी ने संसद में राष्ट्रपति अभिभाषण के दौरान ऐसी बातें कही है जिसको लेकर अब सियासी संग्राम छिड़ गया है. राहुल ने न सिर्फ अयोध्या में हुई बीजेपी की हार पर PM मोदी को घेरा बल्कि अग्निवीर योजना से लेकर किसानों, गरीबों और महिलाओं की बात को संसद में सबके सामने रखा. इस दौरान राहुल गांधी ने करीब 90 मिनट का भाषण दिया, राहुल गांधी ने करीब 20 से ज्यादा मुद्दों को संसद में रखा. जिसका जवाब भले ही मोदी सरकार ने दिया हो, लेकिन राहुल के आक्रमक तेवरों ने सबका ध्यान खींचा क्योंकि राहुल गांधी ने अपने बयानों में एक ऐसा बयान भी दिया जिसके बाद पूरी बीजेपी आग बबूला दिखाई दी.
‘ये लोग हिंदू नहीं, 24 घंटे हिंसा की बात करते हैं’
दरअसल राहुल गांधी ने संसद में बीजेपी पर देश में हिंसा, नफरत और डर फैलाने का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने दावा किया ये लोग हिंदू नहीं है क्योंकि 24 घंटे हिंसा की बात करतें है. राहुल के इस बयान के बाद बीजेपी इतनी आक्रामक दिखाई दी कि संसद में एक नहीं, दो नहीं बल्कि कई बार लोकसभा स्पीकर को इंटरप्ट करना पड़ा. हालांकि सदन में राहुल गांधी ने ये भी कहा कि हिंदू कभी हिंसा नहीं कर सकता, कभी नफरत और डर नहीं फैला सकता. सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोंकझोंक के बीच राहुल गांधी ने कहा कि जो अपने आप को हिंदू कहते हैं कि वो 24 घंटे हिंसा की बात करते हैं. आप हिंदू नहीं हैं. यानी राहुल ने सीधे सीधे बीजेपी पर आरोप लगाया तो PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने आपत्ति जताते हुए ये कहा कि कांग्रेस नेता ने पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहा है, शाह ने इसके आगे कहा कि इनको मालूम नहीं है कि करोड़ों लोग अपने आप को गर्व से हिंदू को कहते हैं, क्या वो सभी लोग हिंसा करते हैं. राहुल को माफी मांगनी चाहिए.
90 मिनट के भाषण में 5 मंत्रियों ने राहुल को टोका
बता दें राहुल संसद में जोरदार भाषण दिया, जिसकी शुरुआत उन्होंने संविधान की कॉपी दिखाकर की. भाषण के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में खूब तू-तू, मैं-मैं देखने को मिली. राहुल ने अग्निवीर, PM मोदी के परमात्मा से डायरेक्ट कनेक्शन और किसानों के MSP कानून की बात कही. इस पर PM मोदी ने 2 बार, शाह-राजनाथ ने 3-3 बार, शिवराज चौहान, किरेन रिजिजू और भूपेंद्र यादव ने एक-एक बार खड़े होकर टोकना पड़ा.